UP में नौजवानों को न्यूनतम वेतन की गारंटी — रोजगार महाकुंभ से बड़ा एलान

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ 2025 का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में काम करने वाला हर युवा मिनिमम वेतन की गारंटी की हक़दार है
“जहाँ कंपनी शोषण नहीं कर पाएगी, वहीं सरकार अतिरिक्त चार्जेज अपने ऊपर लेगी”— जैसे अपनी जॉब ही नहीं, इंसाफ की रसीद भी थमा दी हो!

पलायन से अब अवसर का मैप — UP की युवा शक्ति को सलाम!

सीएम ने कहा कि “एक जमाना था जब पूरा गांव पलायन के कारण सूना हो जाता था, लेकिन अब वही यूपी… देश ही नहीं, दुनिया भी यहां की प्रतिभा को सराह रही है।”
यानी अब ‘शिफ्ट’ नहीं, ‘शौफ्ट’(!) चलेगा — जहाँ रोजगार अब घर आयेगा, बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

MSME को मिला नया जीवन और बीमा का कवच

One District One Product (ODOP)” योजना के जरिए स्थानीय MSME यूनिट्स को पुनर्जीवित करने में सफलता मिली:

  • 96 लाख यूनिट्स फिर से काम में लौटीं

  • कोरोना वापसी में 90% प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिला

  • अब MSMEs को ₹5 लाख तक का बिज़नेस इंश्योरेंस भी मिलता है

यानी अब शोरूम नहीं, हर जिला अपना homemade ब्रांडिंग स्टूडियो बनेगा।

परंपरागत कारीगरों को सम्मान

सीएम ने “PM Vishwakarma” और “Vishwakarma Shrama Samman” जैसे कार्यक्रम लांच कर बढ़ई, सोनार, लोहार जैसे पारंपरिक कारीगरों को फ्री टूलकिट, आसान लोन और ट्रेनिंग दिए जाने की बात कही।
कुम्हारों के दफ्तरों में भी अब ‘इंडस्ट्री एक्सपर्ट’ नहीं, ‘इंडस्ट्री एक्सपर्ट विथ टूलकिट’ आएंगे।

ब्याजमुक्त लोन से 70,000 युवा बने ‘युवा उद्यमी’

सीएम युवा उद्यमी स्कीम” ने 21–40 साल के युवाओं को गैर-जातिगत, गैर-पार्टी आधारित, गैर‑ब्याज ऋण दिया—
जिससे अब तक 70,000 से ज्यादा युवा खुद के मालिक बने

कुल मिलाकर, ये स्कीम “अपने जोश को अपना सहारा” वाले एज्ड वाले स्लोगन को रियलिटी में बदल रही है!

सरकारी नौकरियों का तड़का — 8.5 लाख युवा बने UPSC से नहीं, सरकार से!

पिछले 8 सालों में 8.5 लाख सरकारी नियुक्तियां पारदर्शी ढंग से दी गईं— पुलिस, शिक्षा, कृषि से लेकर विश्वविद्यालयों तक।
उसका मतलब ये है कि अब UP में सरकारी नौकरी कोई लकी ड्रा नहीं, बल्कि जनहित की सुनिश्चितता बन चुकी है।

उद्योग और निवेश की सिलवटें—‘जीरो टॉलरेंस’ से ‘जीरो रुकावटें’

सीएम ने कहा कि क्राइम में जीरो टॉलरेंस की नीति ने यूपी को निवेश के लिए टॉप स्टेट बना दिया।

  • 33+ सेकटोरियल पॉलिसी इंस्टॉल की गईं

  • ₹15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश जमीन पर उतरा

  • 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला

यूपी अब आर्थिक सेकंड है… इस नाम पर फिलहाल ‘नो स्टॉपेशन’ लग गया है।

टेक्नोलॉजी + भाषा = अद्यतन युवा

AI, ड्रोन, रोबोटिक्स, IoT जैसे डिजिटल कोर्स के साथ, जर्मन, जापानी और अन्य विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण मिलने से युवा विदेश जाने के लिए लैंग्वेज फ्रैंडली भी बन रहे हैं। अब सिर्फ अपग्रेड नहीं, ‘अप्डेटेड’ ही फिट रहेगा!

‘मुफ्त वेतन कवच’— लूट नहीं, गरिमा मिलेगी

अब किसी आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से श्रमिकों से शोषण नहीं चलेगा। पूरा वेतन मिलेगा, बाकी चार्जेज सरकार खुद देगी। जैसे नौकरी ही नहीं, ‘वेटलिफ्टिंग’ की गारंटी भी मिल जाए!

जब रोजगार हो सम्मान के साथ, तभी UP का विकास हो वैश्विक!

सीएम ने जोर देकर कहा कि जब श्रमिक और अन्नदाता दोनों संतुष्ट होंगे, तभी विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना साकार  होगा। और उनकी इस “अगर” में कोई शक नहीं — क्योंकि मौका दिया गया है, अब UP की शक्ति दुनिया देखेगी।

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